निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश
पाठकराज
लखीमपुर । भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे और यूपी इन्वेस्ट के सीईओ पद से निलंबित किए गए IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें अब और बढ़ती जा रही हैं। सर्तकता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन से उनके डीएम कार्यकाल के दौरान उनके या उनके परिजनों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों और शस्त्र लाइसेंस का पूरा विवरण मांगा है।
अभिषेक प्रकाश पहले से ही एक सौर ऊर्जा कंपनी से कथित कमीशन मांगने के आरोप में विजिलेंस जांच का सामना कर रहे हैं। अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी अलग से जांच शुरू कर दी गई है।
कई जिलों में तैनाती, संपत्तियों की हो रही पड़ताल
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक प्रकाश सितंबर 2011 से जुलाई 2012 तक लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी रहे हैं। इसके अलावा उनकी तैनाती लखनऊ, बरेली, अलीगढ़, मेरठ, नोएडा, हमीरपुर, गाजियाबाद और वाराणसी जैसे जिलों में भी रही है। विजिलेंस ने इन सभी जिलों में चल-अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री, लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।
परिजनों के नाम पर संपत्तियों की जांच
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक प्रकाश ने अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं, जिनकी वैल्यू उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक बताई जा रही है। ये सभी संपत्तियां अब जांच के दायरे में आ गई हैं।
जांच से बचने की कोशिश?
बताया गया कि अभिषेक प्रकाश सर्तकता अधिष्ठान के समक्ष पेश नहीं हो रहे हैं, जिससे जांच एजेंसियों की नजर में उनकी भूमिका और संदिग्ध हो गई है।
एआईजी स्टांप अल्का सिंह ने बताया कि खीरी जिले में स्टांप खरीद और संपत्ति लेनदेन की जांच जारी है। संबंधित रिपोर्ट जल्द ही सर्तकता अधिष्ठान को भेजी जाएगी।